राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेश के चलते प्रभावित हुई परियोजनाओं को नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी राहत दी है। 13 बिल्डरों को जीरो पीरियड का लाभ दिया गया है, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये की बकाया राशि में छूट मिली है। यह फैसला अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया, जिसे बोर्ड द्वारा मंजूरी दी गई है।
साल 2013 में NGT ने सेक्टर-95 स्थित ओखला पक्षी विहार के 10 किलोमीटर दायरे में निर्माण कार्यों पर रोक लगाई थी। इसका असर कई बिल्डर परियोजनाओं पर पड़ा। इसके मद्देनजर प्राधिकरण ने पहले 77 दिन का जीरो पीरियड दिया था, लेकिन बिल्डर दो साल की राहत की मांग कर रहे थे।
अब प्राधिकरण ने 14 अगस्त 2013 से 19 अगस्त 2015 तक की अवधि को जीरो पीरियड के रूप में मान्यता दी है। इसके तहत जिन बिल्डरों ने कुल बकाया का 25 प्रतिशत जमा किया है, उन्हें छूट दी गई है।
बिल्डर का नाम | कुल बकाया (₹ करोड़) | छूट (₹ करोड़) | अब जमा करनी होगी राशि (₹ करोड़) |
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डिवाइन बिल्डर | 14.16 | 10.22 | 3.94 |
नेक्सजेन इंफ्रा कोन | 34.44 | 21.93 | 12.51 |
प्रतीक बिल्ड टेक इंडिया | 48.22 | 22.54 | 25.68 |
प्रतीक इंफ्रा प्रोजेक्ट | 52.66 | 19.13 | 33.53 |
एम्स प्रमोटर्स | 53.42 | 14.65 | 38.76 |
एम्स आरजी एंजल प्रमोटर्स | 3.94 | 3.94 | 0 (बकाया शून्य) |
स्काईटेक कंस्ट्रक्शन | 22.34 | 10.28 | 12.05 |
एचआर ओरेकल डेवलपर्स | 0.51 | 0.51 | 0 (बकाया शून्य) |
जेएम हाउसिंग (प्रोजेक्ट-1) | 13.75 | 5.14 | 8.60 |
जेएम हाउसिंग (प्रोजेक्ट-2) | 26.87 | 12.01 | 14.86 |
एसडीएस इंफ्राटेक | 74.48 | 25.30 | 49.17 |
एटीएस टाउनशिप | 45.16 | 35.56 | 9.60 |
इस राहत योजना से वे बिल्डर परियोजनाएं बाहर रखी गई हैं जो NCLT (राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण) में लंबित हैं, साथ ही आम्रपाली और यूनिटेक ग्रुप की परियोजनाएं भी इस दायरे से बाहर हैं।