लखनऊ के विधान भवन में शुक्रवार से शुरू हुआ विकसित भारत युवा संसद महोत्सव युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक और लोकतांत्रिक मंच बनकर सामने आया है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित 240 युवा अगले दो दिन तक विधानसभा के सदन में वक्तव्य (Speech) देंगे। इस मंच से 18 से 33 वर्ष के युवाओं की आवाज और सोच को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि पहले कहा जाता था, “जिसे कुछ नहीं आता वो नेता बनता है,” लेकिन आज के समय में यह धारणा बदल गई है। अब वही व्यक्ति नेता बनता है जिसे सब कुछ आता हो। उन्होंने कहा कि आज सदन में डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, अधिकारी और बिजनेसमैन जैसे पढ़े-लिखे लोग शामिल हैं।
जिला स्तर पर आयोजित नोडल कार्यक्रमों में युवाओं से “वन नेशन, वन इलेक्शन” जैसे समसामयिक विषयों पर विचार मांगे गए थे। राज्य स्तर पर चयनित तीन सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर की युवा संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष बोलने का अवसर पाएंगे।
सतीश महाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मैनेजमेंट का शिल्पकार बताते हुए कहा कि उनकी कुशल प्रशासनिक क्षमताओं के कारण कुंभ जैसा बड़ा आयोजन सफल हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा आज गर्व से अपनी पहचान जाहिर करते हैं और अब प्रदेश की छवि सकारात्मक हो गई है।
इस मौके पर कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को विधानसभा और संसदीय प्रक्रियाओं को समझने का एक सशक्त मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा जनसंख्या है, और यदि उन्हें सही दिशा मिले तो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्यों का भी बोध कराता है।