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Noida News: नोएडा में बनेगा 6 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक लोड घटेगा, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी होगी आसान

नोएडा में ट्रैफिक दबाव को कम करने और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से यमुना पुश्ता के समानांतर एलिवेटेड या ऑनग्राउंड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना तैयार की गई है।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
Updated:
Noida News: नोएडा में बनेगा 6 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक लोड घटेगा, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी होगी आसान

नोएडा में ट्रैफिक दबाव को कम करने और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से यमुना पुश्ता के समानांतर एलिवेटेड या ऑनग्राउंड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना तैयार की गई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) इस योजना को पहली बार बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करेगा। निर्माण की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सौंपी जा सकती है।

नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ रहा है ट्रैफिक प्रेशर

वर्तमान में नोएडा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत विकास तेजी से हो रहा है। इसके अलावा लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसे रूट्स से ट्रैफिक लोड भी काफी बढ़ चुका है। भविष्य में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से ट्रैफिक में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में यमुना पुश्ता पर बनने वाला यह वैकल्पिक एक्सप्रेसवे एक बड़ी राहत साबित हो सकता है।

सिक्स लेन एलिवेटेड या आठ लेन ग्राउंड रोड का होगा विकल्प

यह नया मार्ग ओखला बैराज से होकर हिंडन-यमुना दोआब के रास्ते यमुना एक्सप्रेसवे तक जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, यह सिक्स लेन एलिवेटेड या आठ लेन ग्राउंड रोड हो सकता है। इसके लिए दो प्रमुख एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स बनाए जाएंगे:

1. पहला लूप या अंडरपास सेक्टर-168 के पास FNG (Faridabad-Noida-Ghaziabad) को कनेक्ट करने के लिए।
2. दूसरा सेक्टर-150 और सेक्टर-149A के बीच 75 मीटर चौड़ी सड़क से कनेक्शन के लिए।

प्रमुख लाभ

🔹दिल्ली और हरियाणा की ओर जाने वाला ट्रैफिक नोएडा सिटी में प्रवेश किए बिना डायरेक्ट इस रोड से गुजर सकेगा।
🔹इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी।
🔹आगरा, लखनऊ जैसे शहरों को जोड़ने वाले यात्रियों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
🔹ट्रैफिक कम होने से प्रदूषण में भी नियंत्रण संभव होगा।

योजना में ये हैं चुनौतियां

🔹इस परियोजना के लिए सिचाई विभाग से NOC प्राप्त करना एक अहम जरूरत है।
🔹ट्रैफिक सर्वे, फिजिबिलिटी स्टडी, और Detailed Project Report (DPR) तैयार करने के लिए NHAI को इस प्रोजेक्ट के लिए सहमत कराना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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