मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। कई स्थानों पर प्राधिकरण की अनुमति के बिना इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। इस पूरे मामले में प्राधिकरण के कुछ इंजीनियर्स और अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। अब जब मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया है, तो प्राधिकरण ने सख्त रवैया अपनाया है और कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।
विकास प्राधिकरण द्वारा पूर्व में कई बिल्डिंग्स पर सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। खास बात यह है कि अक्सर निचले स्तर के अधिकारी, जैसे कि जूनियर इंजीनियर (JE), निर्माणकर्ताओं को नोटिस देकर कार्रवाई वहीं रोक देते हैं, जिससे अवैध निर्माण करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
मथुरा और वृंदावन के कई क्षेत्रों जैसे कृष्णा नगर, चौक बाजार, भरतपुर गेट, वृंदावन रोड, और नेशनल हाईवे नगला रामताल में दर्जनों अवैध निर्माण चल रहे हैं। यहां बिना अनुमति के बहुमंजिला इमारतें तैयार की जा रही हैं, जिससे शहर का संतुलित विकास प्रभावित हो रहा है।
मंडलायुक्त द्वारा समय-समय पर आयोजित होने वाली बोर्ड मीटिंग्स में अवैध निर्माणों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद फील्ड स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बचते नजर आते हैं।
श्याम बहादुर सिंह ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भूमि पर निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से उसकी वैधता की जांच अवश्य करें।
उपाध्यक्ष ने बताया कि खासकर खादर क्षेत्र में अवैध निर्माण तेजी से हो रहे हैं। ऐसे निर्माणों की पहचान कर डिमोलिशन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसे निर्माण में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।