Home उत्तर प्रदेश बनारस : लॉकडाउन ने सेवई के कारोबार पर डाला असर,लाखों का हुआ नुकसान

बनारस : लॉकडाउन ने सेवई के कारोबार पर डाला असर,लाखों का हुआ नुकसान

30 second read
Comments Off on बनारस : लॉकडाउन ने सेवई के कारोबार पर डाला असर,लाखों का हुआ नुकसान
0
15

{ मदन मोहन की रिपोर्ट }

बनारस शहर को यूं ही गंगा जमुनी की तहजीब के लिए नहीं जाना जाता, बल्कि यहां के लोग यहां के आपसी सौहार्द को बनाए रखने में अपनी सदैव भूमिका निभाते हैं।

पूरे देश में कैसा भी माहौल हो कितना भी तनाव हो लेकिन बनारस के लोग अल्हड़पन और खुशमिजाजी के साथ ही जीते हैं और यही कारण है कि, जमाने से यहां पर सांप्रदायिक सौहार्द कायम है, यहां पर हर त्यौहार लोग मिलजुल कर मनाते हैं।

ऐसे ही आपसी सौहार्द का एक नजारा वाराणासी के भदऊं चुंगी क्षेत्र के सेवई मंडी में देखने को मिला, जहां पर ईद के लिये बनाई जाने वाली सेवई को हिंदू भाइयों के द्वारा तैयार किया जाता है।

इन दिनों भदऊँ चुंगी क्षेत्र में स्थित सेवई कारखाने में लोग ईद के लिए सेवइयां बनाने में मशगूल हो गए हैं, यहां पर लोग अपने हाथों से इसे तैयार करते हैं और उसको पैक करके देश के विभिन्न राज्यों में भेजते हैं।

कुछ लोग तो यह भी बताते हैं कि यहाँ की बनी हुई सेवई देश के विभिन्न हिस्सों में तो जाती ही है, इसके अलावा महानगरों से इसे विदेशों में भी निर्यात किया जाता है।

बनारस का भदऊँ चुंगी क्षेत्र सेवई कारखानों के वजह से काफी जाना जाता है, यहाँ पर सेवई बनाने के 20 से 25 कारखाने हैं जिनके मालिक हिन्दू हैं।

हमने जब सेवई कारखाने में काम करने वाले मजदूरों से बातचीत की तो उनका कहना था कि इस बार लॉक डाउन की वजह से बाजार में मंदी देखने को मिल रही है।

उन्होंने बताया कि हर बार सेवई कारखाने में यह काम होली के बाद से ही शुरू हो जाता था लेकिन इस बार यह अभी 20 – 25 दिन पहले से शुरू हुआ है।

उन्होंने बताया कि इसको बनाने में बड़ी मेहनत लगती है , इसके लिए सबसे पहले मैदे को छान करके उसे गुथा जाता है उसके बाद मशीन में डालकर सेवई बनाया जाता है और इसे सूखने में लगभग 12 घंटे का समय लगता है।

सेवई व्यापारी और कारखाने के अधिष्ठाता राम कुमार केशरी एवं पवन कुमार केशरी का कहना था कि इस बार मात्र 20 से 25 प्रतिशत ही काम हुआ है।

लोग फोन से आर्डर दे रहे हैं और उनके घर पर ही डिलीवरी की जा रही हैं , इसके अलावा कुछ आसपास के लोग आ करके थोड़ा बहुत खरीद रहे हैं लेकिन हर बार जितना फायदा होता था उतना नहीं हुआ।

उन्होंने बताया कि हमारा सबसे ज्यादा माल अन्य राज्यो में जाता था लेकिन इस बार कोरोना के कारण हुए लॉक डाउन के वजह से परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं थे, लिहाज़ा इस बार माल ट्रांसपोर्ट ना होने की वजह से नहीं जा पा रहा हैं।

उन्होंने बताया कि बनारस की बनी किमामी सेवइयां काफी मशहूर हैं और ये केवल यही बनती हैं। उन्होंने बताया कि हमारे यहाँ कई प्रकार की सेवई बनाई जाती हैं, जैसे जीरो नंबर, मोटी , मध्यम किमामी स्पेशल इत्यादि बनाई जाती है।

स्पेशल मार्केट में ₹50 किलो बेची जाती है.इस बार समान थोड़ा महंगा पड़ रहा तो बाज़ार में थोड़ा महंगा बिक रहा है हालांकि लॉक डाउन के कारण हमारा लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

Load More By upkibaat
Load More In उत्तर प्रदेश
Comments are closed.

Check Also

बीजेपी सांसद धर्मेन्द्र कश्यप की पत्नी कोरोना संक्रमित, फेसबुक पर पोस्ट कर दी जानकारी

दिल्ली ने बुधवार को COVID-19 के 17,000 से अधिक मामले दर्ज किए, जो देश की सबसे बुरी तरह से …