नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात को सुगम बनाने के लिए चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना का काम आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की। इस 624.9 करोड़ की लागत वाली परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस एलिवेटेड रोड के निर्माण से रोजाना करीब 10 लाख वाहन चालकों को लाभ मिलेगा, जिससे दिल्ली और नोएडा के बीच यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
2019 में भी शुरू हुआ था प्रोजेक्ट, लेकिन फंड की कमी से रुका
हालांकि, यह परियोजना पहले 2019 में शुरू हुई थी, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शिलान्यास किया था। प्रारंभिक फाउंडेशन और पाइलिंग कार्य के बाद फंड की कमी के कारण निर्माण रोक दिया गया। उस समय तक इस पर 79 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके थे। अब नोएडा प्राधिकरण ने नए बजट के साथ फिर से निर्माण कार्य शुरू किया है।
निर्माण कार्य की प्रक्रिया और तकनीकी पहलू
उत्तर प्रदेश सेतु निगम (Uttar Pradesh Bridge Corporation) ने जनरल ऑफ अरेंजमेंट ड्राइंग (General Arrangement Drawing – GAD) के आधार पर निर्माण कार्य प्रारंभ किया है। पहले पिलर्स के लिए नींव तैयार की जाएगी, इसके बाद आईआईटी द्वारा डिजाइन अप्रूवल के बाद ऊपरी संरचना का निर्माण किया जाएगा। यदि डिजाइन में कोई बदलाव आवश्यक होगा, तो सेतु निगम उसी अनुसार कार्य करेगा। साथ ही, स्वायल टेस्टिंग रिपोर्ट आने के बाद निर्माण कार्य की गति तेज कर दी जाएगी।
इस एलिवेटेड रोड को 296 पिलर्स पर खड़ा किया जाएगा और इसकी कुल लंबाई 5.9 किमी होगी।
निर्माण कंपनी और टेंडर प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UP Bridge Corporation Ltd.) ने 17 दिसंबर 2024 को निर्माण का टेंडर एमजी कंस्ट्रक्शन (MG Construction) को अवॉर्ड किया। निर्माण कंपनी को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तीन साल का समय दिया गया है।
यातायात समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण परियोजना
दिल्ली और नोएडा के बीच बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए 2012 में इस परियोजना की फिजिबिलिटी स्टडी (Feasibility Study) की गई थी। शुरुआती चरण में, इस परियोजना की लागत 605 करोड़ रुपए निर्धारित की गई थी, लेकिन बढ़ती निर्माण लागत और इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी जरूरतों के कारण, 2023 में इसे संशोधित कर 940 करोड़ रुपए कर दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस नए बजट को सैद्धांतिक मंजूरी (Principle Approval) दी, लेकिन अंतिम टेंडर को स्वीकृत करने में देरी हुई।
एलिवेटेड रोड से यातायात को मिलेगा बड़ा लाभ
इस एलिवेटेड रोड का सीधा लाभ दिल्ली और नोएडा के लाखों यात्रियों को मिलेगा। यह सड़क चिल्ला बॉर्डर से शुरू होकर एक्सप्रेसवे तक जाएगी, जिससे चिल्ला बॉर्डर से लिंक रोड के जरिए एक्सप्रेसवे पर लगने वाले जाम को खत्म किया जा सकेगा। यह रोड मयूर विहार फ्लाईओवर से जुड़कर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए एक नया लिंक उपलब्ध कराएगी।
एलिवेटेड रोड पर चढ़ने और उतरने के लिए होंगे 6 लूप
यातायात को सुगम बनाने के लिए इस एलिवेटेड रोड पर छह जगहों पर लूप (Loops) बनाए जाएंगे, ताकि यात्री आसानी से चढ़ और उतर सकें।
1. दिल्ली के चिल्ला बॉर्डर से आते हुए – सेक्टर-14 उद्योग मार्ग की ओर उतरने के लिए लूप बनाया जाएगा।
2. सेक्टर-15A के पास – इस पर चढ़ने के लिए लूप उपलब्ध रहेगा।
3. डीएनडी (DND) से आने वाले एमपी वन रोड – सेक्टर-16 और सेक्टर-16A फिल्म सिटी की ओर उतरने के लिए लूप बनाया जाएगा।
4. फिल्म सिटी समाप्त होने के बाद – उतरने के लिए एक और लूप होगा।
5. जीआईपी मॉल (GIP Mall) के पास – आगे जाकर चढ़ने के लिए लूप बनाया जाएगा।
विलंबित परियोजना को फिर से मिली गति
यह परियोजना 2018 में दिल्ली सरकार से मंजूरी प्राप्त करने के बाद जनवरी 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिलान्यास के साथ शुरू की गई थी। हालांकि, पीडब्ल्यूडी (PWD) से बजट जारी होने में देरी, गेल (GAIL) गैस पाइपलाइन के पुनः मार्गदर्शन (Re-routing) और डिजाइन में बदलाव के कारण निर्माण कार्य बाधित हो गया। इसके अतिरिक्त, कोविड-19 महामारी के कारण भी परियोजना मार्च 2020 में पूरी तरह से ठप हो गई थी। अब तक केवल 13% निर्माण कार्य ही पूरा हुआ था, जिसमें 79 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके थे।
नोएडा-दिल्ली ट्रैफिक समस्या का समाधान
चिल्ला एलिवेटेड रोड नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात को आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूरा होने के बाद लाखों यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रा समय में भी कमी आएगी। यातायात की भीड़ को नियंत्रित करने, सुगम आवागमन प्रदान करने और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के उद्देश्य से सरकार इस परियोजना को तेजी से पूरा करने का प्रयास कर रही है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो अगले तीन वर्षों में यह एलिवेटेड रोड यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार होगी।