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GZB News: तुलसी निकेतन योजना में बड़ा बदलाव, जर्जर फ्लैट्स पर चलेगा बुलडोज़र, बनेंगी बहुमंजिला इमारतें

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने जिले की एक पुरानी और जर्जर कॉलोनी तुलसी निकेतन को नए सिरे से विकसित करने का फैसला लिया है। दिल्ली से सटे इस क्षेत्र को लंबे समय से उपेक्षित रखा गया था, लेकिन अब जीडीए ने इसे पूरी तरह से पुनर्विकसित कर बहुमंजिला इमारतों में बदलने की योजना बनाई है।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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GZB News: तुलसी निकेतन योजना में बड़ा बदलाव, जर्जर फ्लैट्स पर चलेगा बुलडोज़र, बनेंगी बहुमंजिला इमारतें

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने जिले की एक पुरानी और जर्जर कॉलोनी तुलसी निकेतन को नए सिरे से विकसित करने का फैसला लिया है। दिल्ली से सटे इस क्षेत्र को लंबे समय से उपेक्षित रखा गया था, लेकिन अब जीडीए ने इसे पूरी तरह से पुनर्विकसित कर बहुमंजिला इमारतों में बदलने की योजना बनाई है।

1990 में बसी कॉलोनी, अब बदहाल हालात

तुलसी निकेतन योजना को वर्ष 1989-90 में बसाया गया था, जिसमें 2,292 मकानों के साथ-साथ 60 दुकानें शामिल थीं। इन फ्लैट्स में 2,004 ईडब्ल्यूएस (EWS) और 288 एलआईजी (LIG) मकान बनाए गए थे। लगभग 16 एकड़ क्षेत्रफल में फैली इस कॉलोनी में अब 20 हजार से अधिक लोग निवास कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश मकानों की हालत जर्जर हो चुकी है।

नरकीय हालात में रह रहे लोग

यहां रहने वाले लोग खराब बुनियादी सुविधाओं और ढहते मकानों के बीच नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। दीवारों का प्लास्टर गिरने से कई बार लोग घायल हो चुके हैं, वहीं हल्की बारिश में भी कई फुट तक पानी भर जाता है। जलभराव की वजह से खासकर ग्राउंड फ्लोर पर रहने वालों को गंभीर समस्या होती है। इसके अलावा, लोगों ने पीने के पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं, जो बेहद गंदा और अस्वास्थ्यकर है।

टंकी से भी खतरे की आशंका

स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी की टंकी की हालत भी बेहद खराब है, जो किसी भी समय हादसे को न्यौता दे सकती है। कॉलोनी में मकानों की मरम्मत को लेकर लापरवाही का माहौल है। कई लोगों ने मकान खरीदकर उन्हें किराए पर दे रखा है और देखरेख की कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई जा रही है।

GDA की योजना: PPP मॉडल पर होगा पुनर्विकास

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने इन सभी स्थितियों को गंभीरता से लेते हुए कॉलोनी का सर्वे कराया, जिसमें फ्लैट्स को रहने के लिए असुरक्षित बताया गया। इसके बाद GDA उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। योजना के तहत अब जर्जर भवनों को गिराकर पीपीपी (PPP – Public Private Partnership) मॉडल के तहत निजी डेवलपर से आधुनिक बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कराया जाएगा।

बदलेगा तुलसी निकेतन का भविष्य

तुलसी निकेतन की वर्तमान स्थिति को देखते हुए GDA का यह कदम न केवल ज़रूरी बल्कि समय की मांग भी है। यदि यह योजना सही ढंग से लागू होती है, तो हजारों लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवास मिल सकेगा। कॉलोनी के पुनर्विकास से न सिर्फ बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि गाजियाबाद शहर के प्रवेश द्वार की तस्वीर भी बदलेगी।

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