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NOIDA NEWS : नोएडा विकास प्राधिकरण की 217वीं बोर्ड बैठक, लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

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By: Desk Team  RNI News Network
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NOIDA NEWS : नोएडा विकास प्राधिकरण की 217वीं बोर्ड बैठक, लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

नोएडाः शुक्रवार को नोएडा विकास प्राधिकरण की 217वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव और नोएडा विकास प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक संपन्न हुई। बैठक में नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ रविकुमार एन.जी., जिलाधिकारी मनीष वर्मा समेत बोर्ड के सदस्य बैठक में उपस्थित रहे।

बोर्ड बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसमें पुरानी रूकी हुई भू-भाटक परियोजनओं (लिगेसी स्टाल्ड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स) की समस्याओं के निदान के लिये 21 दिसम्बर, 2023 में लिये गये निर्णय के क्रम में नीति/पैकेज को कियान्वयन के संबंध में चर्चा हुई। इस शासनादेश के अन्तर्गत चिन्हित किये गये। कुल 57 परियोजनाओं में से 23 मार्च 2025 तक कुल 33 परियोजनाओं ने सफलतापूर्वक इस शासनादेश का लाभ उठाया है, जो कि कुल डेवलपर्स का करीब 58 प्रतिशत हिस्सा है। परियोजनाएं जो इस नीति/पैकेज से अच्छादित थे तथा नेट ड्यूज की 25 प्रतिशत जमा करने के लिए 57 परियोजानाओं को मॉग पत्र प्रेषित किया गया। (इस सूची में आम्रपाली, यूनिटेक एवं एन.सी.एल.टी. में विचाराधीन परियोजनाएँ शामिल नहीं की गयी हैं)।

देय धनराशि एवं रजिस्ट्रियों का विवरण

शासनादेश के क्रम में गणना के बाद 6 परियोजनाओं की देयता शून्य हो गई। 502 करोड़ की 27 ऐसी परियोजनाएं थी जिनके द्वारा नैट ड्यूज की 25 प्रतिशत धनराशि के सापेक्ष धनराशि जमा करा दी गई है। 31.91 करोड़ की 14 ऐसी परियोजाएं थी जिनके द्वारा नैट ड्यूज की 25 प्रतिशत धनराशि के सापेक्ष आंशिक धनराशि जमा करायी गयी है। 4 ऐसे बिल्डर्स जिनके द्वारा सहमति दी गयी परन्तु देय धनराशि जमा नहीं करायी गयी। 6 ऐसे बिल्डर्स जिनके द्वारा न ही सहमति दी गयी और न ही देय धनराशि जमा करायी गयी। इन परियोजनाओं में रूकी हुई लगभग 3620 फ्लैट बायर्स के पक्ष में नियमानुसार रजिस्ट्री की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकेगी। वर्तमान तिथि तक 2726 फ्लैट बायर्स रजिस्ट्री की जा चुकी हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रस्तावित आय-व्यय

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये कुल प्राप्तियां का लक्ष्य रू0 9008 करोड़ निर्धारित किया गया है तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये कुल भुगतान का लक्ष्य रू0 8732 करोड़ निर्धारित किया गया है। विकास एवं निर्माण कार्यों हेतु कुल रू0 2410 करोड़, अनुरक्षण कार्यों हेतु कुल रू0 2229 करोड़ एवं ग्राम विकास कार्यों हेतु कुल रू0 224 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 वित्तीय एवं भौतिक प्रगति

नोएडा प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न मदों से प्राप्तियों का लक्ष्य रूपये 7713 करोड़ रखा गया है, जिसके सापेक्ष कुल रूपये 6809 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जोकि निर्धारित लक्ष्य का 88.28% है, जो पिछले विगत 10 वर्षों की तुलना में सर्वाधिक रहीं है। नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न मदों पर भुगतान का लक्ष्य रूपये 7433 करोड़ रखा गया है, जिसके सापेक्ष दिनांक 25.03.2025 तक कुल रूपये 3032 करोड़ का भुगतान हुआ।

परिसम्पत्तियों की भू-दरों का निर्धारण

वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु आवासीय भूखण्ड की ए श्रेणी को यथावत रखते हुए अवशेष श्रेणियों ए से ई के सेक्टरों की वर्तमान प्रचलित दरों में 6% की वृद्धि की गई है। ग्रुप हाउसिंग की समस्त श्रेणियों में वर्तमान प्रचलित दरों में 6% की वृद्धि की गई है। संस्थागत उपयोग की शेष श्रेणियाँ जो आवासीय दरों से Linked नहीं हैं, उनकी वर्तमान प्रचलित दरों में 6% की वृद्धि की गई है तथा आवासीय दरों से Linked श्रेणियों में स्वतः वृद्धि की गई है। संस्थागत उपयोग के अन्तर्गत कॉरपोरेट ऑफिस की दरें आवासीय उपयोग की वित्तीय वर्ष 2023-24 की दरों पर यथावत रखी गई हैं। औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान दरों में 6% की वृद्धि की गई है। ट्रांसपोर्ट नगर- ट्रांसपोर्टनगर की दरों में 6 प्रतिशत वृद्धि किये जाने का निर्णय लिया गया। संस्थागत एवं औद्योगिक क्षेत्र के फेस-प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय की IT/ATES एवं डाटा सेन्टर उपयोग की परिसम्पत्तियों की दरों में 6% की वृद्धि की गई है। वाणिज्यिक उपयोग की वर्तमान प्रचलित दरों को यथावत रखा गया है।

 

अवशेष याची काश्तकारों को दिए जाएंगे विकल्प

गजराज केस में हाईकोर्ट के आदेश पर अवशेष याची काश्तकारों को पात्रता के अनुसार 10 प्रतिशत आबादी भूखण्ड के समतुल्य निर्धारित धनराशि प्रदान किये जाने का प्रथम विकल्प दिया जायेगा। किन्तु यदि अवशेष याची काश्तकारों द्वारा उक्त विकल्प को नहीं चुना जाता है तो भविष्य में भूमि उपलब्ध होने पर याची काश्तकारों को न्यायालय से आच्छादित उनकी अर्जित भूमि के सापेक्ष 5 प्रतिशत आबादी भूखण्ड का आवंटन तथा अतिरिक्त 5 प्रतिशत आबादी भूखण्ड हेतु समतुल्य निर्धारित धनराशि प्रदान किये जाने का दूसरे विकल्प के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा स्वीकृत उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024 एवं उत्तर प्रदेश मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति- 2024 को नोएडा क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राधिकरण में अंगीकृत किये जाने का निर्णय लिया गया।

स्ट्रक्चरल ऑडिट पॉलिसी में आंशिक संशोधन

बहुमंजिले भवनों का प्रारम्भिक स्ट्रक्चरल ऑडिट कराये जाने हेतु इस क्षेत्र में प्रतिष्ठित निजी संस्थाओं को पैनल में सम्मिलित किये जाने के लिए निजी संस्थाओं की qualification निर्धारित करते हुए expression of interest के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किये जाने, इन प्रस्तावों का परीक्षण किये जाने हेतु समिति का गठन किये जाने एवं उक्त समस्त कार्यवाही हेतु मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नौएडा को अधिकृत किये जाने का प्रस्ताव संचालक मण्डल द्वारा अनुमोदित किया गया।

एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए सैद्धांतिक अनुमति

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के वैकल्पिक मार्ग हेतु यमुना मार्जिनल बंध रोड के समानान्तर एक्सप्रेस वे (एलिवेटेड/ऑन-ग्राउण्ड) के निर्माण हेतु सैद्धांतिक अनुमति प्रदान की गई। यह वैकल्पिक मार्ग औखला बैराज से हिंडन यमुना दोआब होते हुए यमुना एक्सप्रेस वे तक एक्सप्रेस वे (6 लेन एलिवेटिड /8 लेन ऑन-ग्राउण्ड) का निर्माण कराया जायेगा। दिल्ली, हरियाणा की ओर जाने वाला तथा ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे एवं अन्य शहरों को जाने वाला यातायात नौएडा में प्रवेश किये बिना उक्त एक्सप्रेस-वे के माध्यम से गुजर सकेगा।  निकट भविष्य में संचालित होने वाले नौएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जाने वाला ट्रैफिक का सुगम संचालन तथा आगरा, लखनऊ आदि जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वर्तमान में बंध की ओर स्थित विभिन्न विकासाधीन आवासीय, संस्थागत, औद्योगिक सेक्टरों एवं ग्रामों के विकास को गति मिलेगी। इन क्षेत्रों में आवागमन करने वाला ट्रैफिक निर्बाध रूप से गुजर सकेगा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर यातायात का दबाव कम होगा।  एक्सप्रेस-वे पर प्रायः लगने वाले जाम के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा।

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