Home आगरा बसपा सुप्रीमो मायावती की चुप्पी को लेकर ताजनगरी आगरा के दलित समाज में रोष, पढ़िए

बसपा सुप्रीमो मायावती की चुप्पी को लेकर ताजनगरी आगरा के दलित समाज में रोष, पढ़िए

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हाथरस में दलित युवती से कथित गैंगरेप फिर उसकी मौत ने जहां एक ओर पूरे देश को झकझोर कर रखा दिया। दलित समाज से लेकर पूरा विपक्ष पीड़िता को इंसाफ के लिए आवाज बुलंद कर रहा है।

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती की चुप्पी को लेकर ताजनगरी में दलित समाज में रोष व्याप्त है। जाटव महापंचायत की ओर से बसपा सुप्रीमो मायावती के फोटो और पार्टी के झंडे जलाए गए।

हाथरस कांड को लेकर मायावती ट्वीटर के जरिए सरकार पर सवाल उठाती रही हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग करती रही हैं।

हालांकि, दलित समाज के लोगों का कहना है कि अनुसूचित जाति के लोग आंख बंद कर बहन जी पर भरोसा करते हैं, लेकिन समाज के ज्वलंत मुद्दों पर वह केवल ट्वीट कर काम चलाती हैं।

आगरा जाटव महापंचायत के अध्यक्ष रामवीर सिंह कर्दम ने कहा, हाथरस मामले को लेकर जहां तमाम नेता पीड़िता के घर पहुंचे, पीड़ित परिवार से मुलाकात की, लेकिन बसपा सुप्रीमो ने दलित युवती के पीड़ित परिवार से मिलने की जहमत नहीं उठाई।

इसी को लेकर दलित समाज में रोष है। समाज के लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए मायावती के पोस्टर जलाए और बसपा के झंडे जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।

आगरा में जगदीशपुरा इलाका बीएसपी का गढ़ माना जाता है। यहां बहुतायत में जाटव समाज के लोग रहते हैं।

रामवीर कर्दम ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती के सिर्फ ट्वीट करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि मायावती ने हाथरस में पीड़ित परिवार से न मिलकर यह दर्शाया है कि वो सिर्फ दिखावे के लिए दलितों का समर्थन करती हैं और दलितों के वोट पर राजनीति करती हैं।

कर्दम ने कहा कि अब दलित समाज जाग गया है, जो दलितों के हित में काम करेगा अब दलित उसे ही वोट देगा।

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