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नोएडा प्राधिकरण वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लगभग ₹8000 करोड़ का बजट पेश करने की तैयारी में है। इस प्रस्तावित बजट में Civil Construction Projects पर करीब ₹1300-1400 करोड़ खर्च किए जाएंगे, वहीं ₹100 करोड़ Rural Development के लिए निर्धारित किए गए हैं।
मास्टर प्लान रोड नंबर-1 (MP-1) पर रजनीगंधा अंडरपास से लेकर सेक्टर-57 चौराहे तक एलिवेटेड रोड बनाने की योजना फिर से शुरू हो गई है। नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना को पुनर्जीवित करने की तैयारी कर ली है।
नोएडा में कूड़ा निपटान की समस्याओं को दूर करने के लिए 40 टन क्षमता वाला टीपीडी (ट्रीटमेंट एंड प्रोसेसिंग डिस्पोजल) प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस प्लांट के तहत 15 टन मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी और 25 टन बायो-मैथेनाइजेशन के माध्यम से कूड़े का निपटान किया जाएगा।
नोएडा के दादरी-सूरजपुर-छलेरा (डीएससी) रोड पर बन रहे भंगेल एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य 90% पूरा हो चुका है।
नोएडा प्राधिकरण सेक्टर-126 में एक आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग निर्माण की योजना बना रहा है। यह इमारत 10 मंजिला होगी, जिसमें पार्किंग के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण ने ग्रुप हाउसिंग परियोजना के एक बिल्डर द्वारा बकाया राशि का भुगतान न करने पर कड़ा रुख अपनाया है।
नोएडा में अब पानी के उपयोग पर बिल चुकाना होगा। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने योजना तैयार की है। दिल्ली जल बोर्ड के मॉडल को आधार बनाकर नोएडा में भी नया जल टैरिफ लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
नोएडा प्राधिकरण के उद्यान खंड-3 के डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र सिंह पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। उन पर कार्य में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं। साथ ही, उनके कार्यकाल में हुए विभिन्न कार्यों की जांच शासन स्तर पर कराए जाने की संभावना है।
यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास की प्रॉपर्टी की कीमतों में जल्द ही इजाफा होने वाला है। इसमें आवासीय, वाणिज्यिक (कॉमर्शियल) और औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) श्रेणी की जमीनों के दाम बढ़ाए जाएंगे।
नोएडा प्राधिकरण जल्द ही नई नीति के तहत इंडस्ट्रियल प्लॉट स्कीम लॉन्च करने जा रहा है। यह योजना मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए तैयार की गई है। पहले चरण में 17 औद्योगिक प्लॉट शामिल किए जाएंगे, जिनका आकार 200 वर्गमीटर से 7500 वर्गमीटर तक होगा।
नोएडा प्राधिकरण ने अपनी संपत्तियों का डिजिटलाइजेशन करते हुए जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) को और अधिक उन्नत बना दिया है। अब निवेशकों को प्रॉपर्टी की लोकेशन, आवंटन की तारीख, ऑनर का नाम और लीज से संबंधित सभी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी।
नोएडा में सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सेफ सिटी प्रोजेक्ट को IIT की मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के तहत शहर के विभिन्न 561 स्थानों पर कुल 2,100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
नोएडा प्राधिकरण के वर्तमान सीईओ डॉ. लोकेश एम नोएडा के जीर्णोद्धार और परिवर्तनधिकारी के रूप में उभरे हैं। जिनकी दूरदर्शिता और देश के प्रति समर्पण से नोएडा जैसे शहर को एक नया आयाम मिला है।