नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बढ़ेगी कनेक्टिविटी, ट्रैफिक जाम से मिलेगा निजात...
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बढ़ेगी कनेक्टिविटी, ट्रैफिक जाम से मिलेगा निजात...
नोएडा में बिल्डिंग्स के स्ट्रक्चरल ऑडिट को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब केवल सरकारी संस्थानों पर निर्भरता नहीं रहेगी। नोएडा प्राधिकरण ने निजी एजेंसियों को भी स्ट्रक्चरल ऑडिट की प्रक्रिया में शामिल करने का फैसला किया है।
नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन को लेकर सांसद डॉ. महेश शर्मा ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। गुरुवार को संसद भवन में उन्होंने यह मुद्दा उठाते हुए शहरी विकास मंत्रालय (MOHUA) से परियोजना पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए गांव अच्छेजा में बन रहे 'रामायणम विला' प्रोजेक्ट को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।
प्राधिकरण सख्त रवैये में, जमीन की लागत नहीं चुकाने पर कार्रवाई तेज...
हालिया आग की घटनाओं से सबक लेते हुए प्राधिकरण की बड़ी पहल, गर्मी में राहत के लिए वाटर स्प्रिंकल भी लगाए जाएंगे...
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेश के चलते प्रभावित हुई परियोजनाओं को नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी राहत दी है। 13 बिल्डरों को जीरो पीरियड का लाभ दिया गया है, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये की बकाया राशि में छूट मिली है।
स्नो वर्ल्ड, एक्वेरियम और फैमिली एक्टिविटी जोन भी होंगे शामिल...
हाईकोर्ट के आदेश पर CBI-ED सक्रिय, प्राधिकरण ने तेज़ की कार्रवाई...
उत्तर प्रदेश के छह जिलों से होकर गुजरने वाले यमुना एक्सप्रेस-वे को अब ‘रोड सेफ्टी’ के मामले में एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने IIT दिल्ली द्वारा सुझाए गए सभी 21 सुरक्षात्मक उपायों को पूरी तरह से लागू कर लिया है।
अप्रैल 2025 से लागू होंगी नई दरें, 14.88 लाख वर्गमीटर जमीन का होगा आवंटन...
नोएडा में ट्रैफिक दबाव को कम करने और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से यमुना पुश्ता के समानांतर एलिवेटेड या ऑनग्राउंड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना तैयार की गई है।
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने मथुरा और आगरा में अपने रीजनल ऑफिस खोलने का फैसला लिया है। इस निर्णय को फेज-2 मास्टर प्लान के तहत विकास कार्यों को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए लिया गया है।
उत्तर प्रदेश का एक रणनीतिक और भौगोलिक रूप से अहम शहर है, जिसकी देखरेख नोएडा प्राधिकरण करता है। चूंकि यह प्राधिकरण एक स्वायत्त (Autonomous) संस्था है, इसलिए इसे सरकार के आम बजट से आर्थिक सहयोग नहीं मिलता।