मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर में प्रदेश सरकार के 8 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए जिले को 501 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर अब विकास की नई गाथा लिखेगा और सरकार का लक्ष्य इसे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और पर्यटन हब के रूप में विकसित करना है।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार की योजना गंगा एक्सप्रेसवे को मिर्जापुर से जोड़ने और आगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक लाने की है। इससे न केवल मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी के नाम पर विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की, जिससे स्नातक छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने मिर्जापुर की पत्थर कारीगरी और पीतल उद्योग की तारीफ करते हुए कहा कि इन्हें ODOP योजना के तहत प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र की विशिष्ट कला और उद्योग को पहचान और बाजार दोनों मिले।
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जनता को प्यासा छोड़ा था, लेकिन अब हर घर को नल से जल देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मियों में किसी भी घर में पेयजल संकट नहीं होना चाहिए।
सीएम ने मंच से मुख्य पुरोहित पंडित रत्नाकर मिश्रा से मजाक करते हुए कहा कि महाकुंभ के दौरान उनकी अच्छी कमाई हो रही थी। इस मजाकिया अंदाज में उन्होंने बताया कि धार्मिक आयोजनों ने न केवल आध्यात्मिक महत्व बढ़ाया बल्कि लोगों को आजीविका के अवसर भी दिए।
योजनाओं के लाभार्थियों को बांटी सौगातें
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कई योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे मंच से लाभ वितरित किए:
विभिन्न गणमान्य लोगों की मौजूदगी
इस अवसर पर सांसद अनुप्रिया पटेल, जनशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, पिछड़ा वर्ग आयोग उपाध्यक्ष सोहनलाल, विधायक रत्नाकर मिश्रा, जिलाध्यक्ष बृजभूषण समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।