न्यू नोएडा में अक्टूबर 2024 में जारी अधिसूचना के बाद किए गए सभी निर्माण अवैध माने जाएंगे। यह क्षेत्र 209.11 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा, जिसमें 80 गांव शामिल किए जाएंगे। प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने बताया कि अवैध निर्माण रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिसूचना जारी होने के समय के सेटेलाइट मैप को आधार बनाकर निर्माण का आकलन किया जाएगा। जो निर्माण उस समय मौजूद होंगे, उन्हें आबादी में गिना जाएगा, जबकि अन्य निर्माणों को अवैध मानते हुए ध्वस्त किया जाएगा।
प्राधिकरण किसानों से उनकी भूमि आपसी सहमति से अधिग्रहित करेगा। मुआवजा दरों को लेकर बुलंदशहर के डीएम के साथ बैठक कर चर्चा की जाएगी। रेट तय होने के बाद इसे प्राधिकरण बोर्ड से स्वीकृत कराया जाएगा और लागू किया जाएगा।
बुधवार को प्राधिकरण में 20 गांवों के प्रधानों के साथ बैठक हुई। ये गांव ग्रेटर नोएडा के पास स्थित हैं। प्रधानों ने अपने क्षेत्र में स्थानीय कार्यालय खोलने की मांग की। साथ ही, सीईओ ने अधिसूचित क्षेत्र में मौजूद एलएमसी की भूमि और प्राकृतिक जल स्रोतों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि इन संसाधनों को संरक्षित किया जा सके।
न्यू नोएडा को चार चरणों में विकसित करने की योजना है:
पहले चरण में 15 गांव शामिल
पहले चरण में 15 गांवों की 3165 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। न्यू नोएडा परियोजना में कुल 80 गांव शामिल होंगे, जिनमें लगभग 16,000 किसान परिवार रहते हैं। प्रत्येक परिवार के साथ बैठक कर भूमि अधिग्रहण और मुआवजा दरों पर सहमति बनाई जाएगी।
जल्द होगी मुआवजा दरों पर अंतिम निर्णय
सीईओ ने बताया कि मुआवजा दरों को लेकर अभी चर्चा जारी है। जल्द ही एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें दरों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
वहीं न्यू नोएडा परियोजना को सुचारू रूप से पूरा करना एक बड़ी चुनौती है, विशेष रूप से अधिसूचना के बाद के अवैध निर्माणों को रोकना। लेकिन प्राधिकरण इसे सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही इसका सकारात्मक प्रभाव भी दिख सकता है।