रामनवमी 2025 को लेकर उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के मद्देनज़र हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जुलूस केवल परंपरागत मार्गों से ही निकाले जाएंगे, किसी भी नए रूट की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूरे प्रदेश में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी, और किसी भी प्रकार की अराजकता या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
रामनगरी अयोध्या में इस बार रामनवमी पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने जानकारी दी कि इस बार ड्रोन से रामपथ पर सरयू जल का छिड़काव किया जाएगा। यह अनूठी पहल श्रद्धालुओं को एक अलौकिक अनुभव प्रदान करेगी। साथ ही, सरयू स्नान घाटों पर व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि भक्तजन सुरक्षित रूप से आस्था की डुबकी लगा सकें।
पर्यटन और संस्कृति विभाग द्वारा 5 और 6 अप्रैल को रामकथा पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या और श्रीराम को समर्पित गीतों की प्रस्तुति का आयोजन किया जाएगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रदर्शनियों की भी व्यवस्था होगी, जिससे वे श्रीराम के जीवन और मर्यादा को और गहराई से समझ सकें।
प्रदेशभर में निगरानी, सभी जिलों को अलर्ट
रामनवमी पर्व पर अयोध्या, लखनऊ, मेरठ, बरेली, शाहजहांपुर, फतेहपुर, आगरा सहित पूरे प्रदेश में ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई है। जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी अफवाह या भड़काऊ सामग्री को रोका जा सके।
रामनवमी 2025: श्रद्धा के साथ सुरक्षा भी प्राथमिकता
उत्तर प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि रामनवमी पर्व धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था के साथ मनाया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस पर्व को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए समस्त विभागों को निर्देश जारी किए हैं।