मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपने विचार साझा करते हुए प्रदेश के युवाओं, शिल्पकारों, साहित्य प्रेमियों और नागरिकों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक महत्ता को भी पुनः रेखांकित किया।
युवाओं और शिल्पकारों को दिया सहयोग
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर युवा उद्यमियों को ब्याजमुक्त लोन वितरित किया और शिल्पकारों को टूलकिट भेंट की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु हमारी आजीविका के माध्यम हैं और उनकी सेवा करना पुण्य का कार्य है।
शिक्षा और साहित्य के लिए की जागरूकता की अपील
सीएम योगी ने कला और साहित्य महोत्सव को रामायण महोत्सव से जोड़ने की आवश्यकता जताई और कहा कि समाज को शिक्षित करना समय की मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल युग में पढ़ने-लिखने की परंपरा कमजोर हुई है, ऐसे में लिटरेचर फेस्टिवल जैसे आयोजनों से रचनात्मकता को बढ़ावा मिल सकता है।
राष्ट्र गौरव और पहचान की भावना
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे पहले लोग स्वयं को भारतवासी कहने से झिझकते थे, लेकिन अब देश और प्रदेश की पहचान गर्व का कारण बनी है। उन्होंने बताया कि विदेश में एक टैक्सी चालक ने खुद को भारतीय बताकर सुरक्षा का अनुभव साझा किया।
अयोध्या को दिलाई वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2016-17 में जहां अयोध्या में मात्र 2.34 लाख श्रद्धालु आए थे, वहीं बीते वर्ष 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कहा कि 2017 में जब दीपोत्सव की शुरुआत की गई, तब हमारा लक्ष्य था कि अयोध्या को उसका वास्तविक सम्मान मिले।
राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी पारिवारिक पृष्ठभूमि
सीएम ने बताया कि उनकी तीन पीढ़ियाँ श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी रही हैं और जब वे पहली बार अयोध्या मुख्यमंत्री के रूप में आने वाले थे, तो नौकरशाही के कुछ वर्गों ने इसे विवादास्पद बताया। लेकिन उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे राम मंदिर के लिए सत्ता भी छोड़ने को तैयार थे।
राम और रामायण का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसने राम पर लिखा, वह महान हुआ। उन्होंने महर्षि नारद और महर्षि वाल्मीकि के संवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि राम केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि ईश्वरीय सत्ता के प्रतीक हैं। रामायण को विश्व का पहला महाकाव्य बताते हुए उन्होंने लेखन और संस्कृति को श्रीराम से जोड़ने की प्रेरणा दी।
अयोध्या – सनातन परंपरा की धुरी
अंत में सीएम योगी ने अयोध्या को सनातन धर्म की प्रेरणा स्थली बताया और कहा कि यह सप्तपुरियों में सबसे प्रमुख है। उन्होंने भगवान ऋषभ देव और मनु के माध्यम से इस भूमि की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को रेखांकित किया।