गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्राधिकरण से जुड़े विभिन्न लंबित प्रकरणों और योजनाओं पर गहन चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों को लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण, भूमि क्रय प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने और जोनल प्लान की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए। सबसे पहले मानचित्रों की अनापत्ति (NOC) की स्थिति का जायजा लिया गया। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिया कि लंबित अनापत्तियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र जारी किया जाए, जिससे योजनाओं को गति मिले। प्रक्रिया को सरल और डिजिटल माध्यमों से अधिक पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया।
इसके बाद भू-अर्जन अनुभाग द्वारा मानचित्रों के स्वामित्व परीक्षण संबंधी कार्यवाही पर ड्राफ्ट प्रारूप प्रस्तुत किया गया। इस प्रारूप को और अधिक प्रभावी बनाने और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई।लारा कोर्ट में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए सभी वादों को योजनावार और ग्रामवार सूचीबद्ध किया गया। रेफरेंस वाद और इजराय वाद को अलग-अलग वर्गीकृत कर निस्तारण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
जोन-1 के जोनल प्लान में आपसी सहमति से भूमि क्रय के प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इसमें दो प्रमुख पहलुओं पर चर्चा हुई: 1. पहले से दर निर्धारित गांवों में भूमि क्रय प्रक्रिया में आ रही चुनौतियों का समाधान।2. पहली बार दर निर्धारित करने वाले गांवों के लिए ठोस और व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
हम तुम रोड और आउटर रिंग रोड जैसी प्रमुख सड़को पर विशेष ध्यान दिया गया। उपाध्यक्ष ने कहा कि हम तुम रोड क्षेत्र में भूमि क्रय और भू-अधिग्रहण से संबंधित वादों का शीघ्र निस्तारण आवश्यक है, ताकि यातायात और कनेक्टिविटी की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके और जनता को यातायात की परेशानियों से निजात दिलाया जा सके, इसके लिए टोटल स्टेशन सर्वे कराया जा रहा है। इसी प्रकार, आउटर रिंग रोड से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने की जरूरत पर बल दिया गया।
इसके अलावा, इंटीग्रेटेड टाउनशिप और हाइटेक टाउनशिप परियोजनाओं से संबंधित लंबित भू-अधिग्रहण प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन मामलों को शीघ्रता से निपटाया जाए, ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें और नागरिकों को सुविधाएं मिलें।
बैठक के अंत में उपाध्यक्ष ने सभी अनुभागों से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी । योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।