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Lko News: फटे कपड़ों में लखनऊ पहुंचे लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर, बोले – अब सिर्फ प्रभु श्रीराम से है उम्मीद

कारण बताओ नोटिस का दिया जवाब, बोले- एक अधिकारी के कारण कटघरे में खड़ी हो रही है सरकार...

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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Lko News: फटे कपड़ों में लखनऊ पहुंचे लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर, बोले – अब सिर्फ प्रभु श्रीराम से है उम्मीद

भारतीय जनता पार्टी के लोनी से विधायक नंद किशोर गुर्जर सोमवार को फटे हुए कपड़ों में लखनऊ पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कारण बताओ नोटिस का जवाब पत्र के माध्यम से पार्टी को दे दिया है और अब वह प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी से मिलकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी समय मांगा है।

“राम कथा करना पाप है क्या?”

नंद किशोर गुर्जर ने पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा, “क्या राम कथा करना पाप है?” उन्होंने बताया कि उन्होंने कार्यक्रम के लिए पहले से अनुमति ली थी, इसके बावजूद पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और कार्यक्रम को बाधित किया। विधायक का कहना है कि इस दौरान रामचरितमानस की प्रतियां भी गिरते-गिरते बचीं।

उसी वेश में पहुंचा हूं जिसमें अभद्रता हुई थी

विधायक गुर्जर ने फटे कपड़ों में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह अब तक उसी वेश में हैं जिसमें उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें इंसाफ सिर्फ प्रभु श्रीराम से ही मिल सकता है और इसी आशा के साथ वह अयोध्या भी जाएंगे। उनका कहना है कि वे रामलला के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे और उसी शक्ति से आगे की लड़ाई लड़ेंगे।

“एक अधिकारी की वजह से सरकार बदनाम हो रही है”

विधायक गुर्जर ने आरोप लगाया कि एक अधिकारी के कारण पूरी सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मिलकर वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत कराएंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य संगठन को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि धार्मिक कार्यक्रमों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना है।

राजनीतिक हलकों में हलचल तेज

नंद किशोर गुर्जर का इस तरह फटे कपड़ों में राजधानी आना और मीडिया के सामने भावुक बयान देना, राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। पार्टी नेतृत्व के लिए यह एक संवेदनशील मामला बनता जा रहा है, जिसमें संगठन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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