Home उत्तर प्रदेश 17 साल बाद ज़िंदा मिला हत्या का दोषी, पुलिस रह गई दंग, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान !

17 साल बाद ज़िंदा मिला हत्या का दोषी, पुलिस रह गई दंग, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान !

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मेरठ: अपराधी जब अपराध की घटनाओं को अंजाम देता है तो वह शायद यह भूल जाता है कि, इसका रास्ता या तो जेल की चारदीवारी में समाप्त होता है या फिर पुलिस से मुठभेड़ में। अपराध के बाद जब वह गिरफ्तार होता है तो सजा से बचने के लिए न जाने कौन कौन सी तरकीबे सोचता है। कई बार वह पुलिस कस्टडी से फरार होने पर भी सफलता हासिल कर लेता है।

इसी कड़ी में आज हम आपको ऐसी एक घटना बताने जा रहे हैं कि, जिसे सुनकर आप भी चकित रह जाएंगे, कि आखिर कानून के शिकंजे से बचने के लिए कोई अपराधी इस स्तर तक कैसे सोच सकता है ?  यह अपराधी एक हत्या का दोषी है और हत्या के बाद इसे पुलिस ने गिरफ्तार भी किया, यह जेल भी गया और पैरोल पर बाहर भी आया। लेकिन उसके बाद ऐसी कलाकारी की, जिससे पुलिस भी दंग रह गई।

कहानी है उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद की। जहां सरधना थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव में 33 वर्ष पहले  एक अनिल नाम के शख्स की हत्या हुई थी। हत्या का आरोपगांव के ही कुछ लोगों पर लगा। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अनिराज सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई। अनिराज 17 वर्ष पहले पैरोल पर जेल से बाहर आया। इसके बाद वह फरार हो गया। अनिराज के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी कि, 10 अप्रैल 2006 को मेरठ में हुए विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में अनिराज की मौत हो गई। इतना ही नहीं परिजनों ने मौत का प्रमाण पत्र भी सौंप दिया। इसके बाद पुलिस ने यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेज दी थी।

अब पिछले वर्ष मृतक अनिल के परिजनों को जानकारी हुई कि, अनिराज अभी भी जिंदा है। इसके बाद उन्होंने 2020 में पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पाया कि, अनिल के परिजनों का दावा सही है और अनिराज अभी भी जीवित है। इस पर सरधना थाने में हत्यारे अनिराज के खिलाफ फर्जी कागजात तैयार करने का मामला भी दर्ज किया गया। साथ ही अनिराज को पकड़ने के लिए पुलिस ने 20 हजार रुपए के इनाम का ऐलान कर दिया।

अब बीते दिन यानी 18 मार्च को बुलंदशहर पुलिस ने कस्बा स्याना से अनिराज को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, अनिराज किसी से मिलने के लिए स्याना आया था। तभी पुलिस को इसकी भनक लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अनिराज ने बताया कि, उम्रकैद से बचने के लिए उसने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया था। पत्नी और बच्चों के साथ उत्तराखंड के रुद्रपुर में रह रहा था। यहां पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था।

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