1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. Mathura News: वक्फ संशोधन विधेयक पर मथुरा के धर्मगुरु का विरोध, पीएम मोदी को खून से लिखा पत्र

Mathura News: वक्फ संशोधन विधेयक पर मथुरा के धर्मगुरु का विरोध, पीएम मोदी को खून से लिखा पत्र

वक्फ जमीन पर कॉलेज और अस्पताल बनाने की मांग, कहा – जनता को मिलना चाहिए लाभ

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
Updated:
Mathura News: वक्फ संशोधन विधेयक पर मथुरा के धर्मगुरु का विरोध, पीएम मोदी को खून से लिखा पत्र

केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर धार्मिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। इस बीच, मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष और हिंदू धर्मगुरु दिनेश फलाहारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से पत्र लिखकर वक्फ संपत्तियों को सार्वजनिक उपयोग में लाने की मांग की है।

वक्फ की जमीन पर मांगा अस्पताल और कॉलेज निर्माण

दिनेश फलाहारी ने अपने पत्र में लिखा है कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति का उपयोग कॉलेज, अस्पताल और पुलिस क्वार्टर जैसे सार्वजनिक हितों के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि इस संपत्ति की जांच कराकर अवैध कब्जों को हटाया जाए, ताकि इसका लाभ समाज के सभी वर्गों को मिल सके।

कांग्रेस पर साधा निशाना

अपने पत्र में उन्होंने कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद हिंदुओं के अधिकारों की अनदेखी हुई। फलाहारी ने लिखा, “1947 में पाकिस्तान मुसलमानों को दिया गया, लेकिन कांग्रेस ने हिंदुओं को ठगा और वक्फ बोर्ड बनाकर देश की कीमती जमीनें मुसलमानों को सौंप दीं।”

पीएम मोदी से लगाई गुहार

पत्र में दिनेश फलाहारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “हिंदुओं का गौरव” बताते हुए लिखा है कि “अब सिर्फ आपसे ही उम्मीद है।” उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों की न्यायिक जांच कराकर उसे जनसेवा के कार्यों में लगाया जाए, ताकि आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े बेहतर संसाधन मिल सकें।

वक्फ बोर्ड समर्थकों को बताया देश विरोधी

फलाहारी ने पत्र में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो भी वक्फ बोर्ड का समर्थन करता है, वह देशद्रोही है और ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए, जहां वे मजारें और मस्जिदें बनाकर भाईचारा कायम कर सकें। उन्होंने वक्फ संपत्ति के विरोध को राष्ट्रहित का विषय बताया।

व्रत और नंगे पांव का संकल्प

गौरतलब है कि दिनेश फलाहारी वही धर्मगुरु हैं, जिन्होंने तीन वर्ष पूर्व यह प्रण लिया था कि जब तक मथुरा की मस्जिद श्रीकृष्ण जन्मभूमि से नहीं हटती, तब तक वे भोजन ग्रहण नहीं करेंगे। वे आज भी बिना भोजन और नंगे पैर रहते हुए अपने संकल्प पर अडिग हैं।

ट्विटर पर भेजा पत्र

यह पत्र उन्होंने ट्विटर के माध्यम से पीएम मोदी को टैग करते हुए साझा किया है, जिससे यह मामला अब सामाजिक मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है। फलाहारी के इस पत्र के बाद वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक और धार्मिक बहस और तेज होने की संभावना है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...