नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन को लेकर सांसद डॉ. महेश शर्मा ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। गुरुवार को संसद भवन में उन्होंने यह मुद्दा उठाते हुए शहरी विकास मंत्रालय (MOHUA) से परियोजना पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की।
यह मेट्रो लाइन सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क तक प्रस्तावित है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन पिछले 6 माह से यह फाइल शहरी विकास मंत्रालय में लंबित है।
डॉ. शर्मा ने सदन में कहा: “नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्रदेश की शो-विंडो हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 8 लाख से अधिक लोग रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र भी शामिल हैं। यहां जब आबादी बसाई गई थी, तब मेट्रो लाइन लाने का वादा किया गया था, लेकिन पिछले आठ वर्षों से परियोजना ठप पड़ी है।”
ग्रेनो वेस्ट के इस रूट पर कुल 11 स्टेशन बनाए जाएंगे और यह एक्वा लाइन का एक्सटेंशन होगा। पहले यह रूट 14.958 किमी लंबा प्रस्तावित था, जिसे बढ़ाकर 17.435 किमी कर दिया गया है। यह रूट सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा डिपो तक जाएगा, जिससे 130 मीटर रोड पर जाम की समस्या में भी कमी आएगी।
इस मेट्रो प्रोजेक्ट की संशोधित लागत 2991 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
स्रोत | हिस्सेदारी |
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भारत सरकार | ₹394 करोड़ |
उत्तर प्रदेश सरकार | ₹394 करोड़ |
नोएडा प्राधिकरण | राज्य हिस्सेदारी का 40% |
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण | राज्य हिस्सेदारी का 60% |
प्रारंभिक योजना के अनुसार लागत 2197 करोड़ रुपए थी, जो डीपीआर में बदलाव के बाद बढ़ गई है।
अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो शुरू होते ही इस रूट पर 1.25 लाख से अधिक लोगों की दैनिक राइडरशिप रहने की संभावना है। खासतौर पर ऑफिस जाने वाले, छात्र और स्थानीय निवासी इससे लाभान्वित होंगे।
डॉ. महेश शर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि जल्द ही जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रस्तावित है, ऐसे में ग्रेटर नोएडा वेस्ट को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना आवश्यक हो गया है।