वाराणसी में बाढ़ के स्थिति को देखते हुए वाराणसी और आस-पास के इलाकों में नदियों के जलस्तर पर निगरानी शुरू हो गई है। बाढ़ की निगरानी के लिए NDRF की टीम को एलर्ट मोड में रखा गया है। जिसके लिए 11 बटालियन अपना कमर 41 जिलों में कस चुकी हैं। आपको बता दें कि तुर्की में आए भूकंप में भी वाराणसी की NDRF टीम ने अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाया था।
NDRF in alert mode to avoid floods in Varanasi, flood affected areas identified
उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि बाढ़ के दौरान किसी भी विपरीत परिस्थितियों में राहत-बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 11 बटालियन पूरी तरह तैयार है। वाराणसी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को पहले से चिह्नित किया जा चुका है। बाढ़ से निबटने को एनडीआरएफ की दो टीम तैयार है। टीमें रेस्क्यू मोटर बोट, डीप डाइवर्स, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि के साथ राहत बचाव उपकरणों के साथ तैनात की गई हैं।
उन्होंने कहा कि गंगा में एनडीआरएफ की वाटर एम्बुलेंस, पैरा मेडिकल टीम के साथ तैनात है। वाराणसी में आवश्यकता के अनुरूप टीमों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए भी एनडीआरएफ की तैयारी पूरी है। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में हर साल बाढ़ आने का संभावना रहती है, उन जिलों को पहले से ही चिह्नित कर लिया गया है। वहीं जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए फिलहाल अभी वाराणसी, गोरखपुर, श्रावस्ती, लखनऊ, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी में सभी बचाव और राहत उपकरणों के साथ टीमों को तैनात किया गया है। अन्य जिलों में भी टीमों को जरूरत के हिसाब से तैनात किया जाएगा।