Site icon UP की बात

Jalaun News: जालौन में एनजीटी आदेशों की अवहेलना, नदी में खुलेआम अवैध खनन

जालौन जनपद में वेतवा नदी के सीने को छलनी कर अवैध खनन का धंधा जमकर फल-फूल रहा है। एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर भारी पोकलैंड मशीनों और प्रतिबंधित लिफ्टर उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। यह पूरा खेल शाम ढलते ही शुरू होता है और रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर बालू का दोहन कर नदी की प्राकृतिक संरचना से खिलवाड़ किया जा रहा है।

एनजीटी द्वारा प्रतिबंधित मशीनों का प्रयोग स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है, फिर भी खनन माफिया बेखौफ होकर अपना काम कर रहे हैं। खनिज विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला खनिज अधिकारी कार्यालय के बजाय घर से ही ‘कैम्प ऑफिस’ बनाकर कार्य संचालन कर रहे हैं, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है।

उरई तहसील के कुरौना गाँव, गाटा संख्या 317 मि, खण्ड 2 में मौरम खनन के लिए सक्षम गुप्ता पुत्र देवेंद्र गुप्ता, निवासी 160 ओमशांति नगर, झाँसी को पट्टा आवंटित किया गया है। लेकिन पट्टे की शर्तों के उल्लंघन के साथ-साथ सीमा से बाहर जाकर अवैध खनन किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

इस पूरे मामले में प्रशासन और खनिज विभाग की निष्क्रियता से यह सवाल उठता है कि क्या अधिकारी ‘धृतराष्ट्र’ की भूमिका में हैं? क्या जानबूझकर इस अवैध कार्य को अनदेखा किया जा रहा है? यदि जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो न केवल वेतवा नदी का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका और पर्यावरण को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाएगा।

 

Exit mobile version