उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने टेलीमेडिसिन, अस्पतालों में फायर सेफ्टी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट, आयुष्मान भारत योजना, एंबुलेंस सेवाएं समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार को लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की।
टेलीमेडिसिन सेवा का विस्तार: मरीजों को मिलेगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय
मुख्यमंत्री ने हब एंड स्पोक मॉडल के तहत केजीएमयू, आरएमएलआईएमएस और एसजीपीजीआई की टेलीमेडिसिन सेवा को प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से जोड़ने के निर्देश दिए। इससे गांवों और छोटे शहरों के मरीज बिना लंबी दूरी तय किए विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे।
आरएमएलआईएमएस में रैन बसेरों की संख्या बढ़ेगी
लखनऊ स्थित आरएमएलआईएमएस (राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया। इससे दूरदराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेवा होगी और सुलभ
मुख्यमंत्री ने अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) सेवा को और अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर ऑर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके लिए अस्पतालों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा।
अस्पतालों में फायर सेफ्टी के कड़े नियम
मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रबंधों की नियमित समीक्षा होनी चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
आयुष्मान भारत योजना: 30 दिनों के भीतर होगा भुगतान
आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों को 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया गया, ताकि मरीजों को बिना किसी बाधा के उपचार मिलता रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 5.21 करोड़ लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं और अन्य पात्र लोगों को भी इसका लाभ दिया जाएगा।
टीबी मुक्त भारत अभियान में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अनिवार्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से टीबी मरीजों को गोद लेने की अपील की। इससे मरीजों को व्यवस्थित उपचार और पुनर्वास में सहायता मिलेगी।
स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी
मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सस्ती और पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पीएचसी (Primary Health Centre), सीएचसी (Community Health Centre) और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य करने पर जोर दिया।
एम्बुलेंस सेवाएं होंगी अधिक प्रभावी
मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली को मॉनिटर करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए।
आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विगत 8 वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार हुआ है।
महत्वपूर्ण आंकड़े:
🔹डेंगू मृत्यु दर में 93% की कमी
🔹जापानी इंसेफेलाइटिस के मामलों में 87% की कमी
🔹एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम में 76% की गिरावट
🔹इन बीमारियों से होने वाली मृत्यु दर में 97% और 98% की कमी
मुख्यमंत्री ने इसे टीमवर्क और सही नियोजन का परिणाम बताया।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भागीदारी
इस समीक्षा बैठक में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बड़ा कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के माध्यम से उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन निर्देशों के कार्यान्वयन से प्रदेश के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त होंगी।