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Gorakhpur : मुख्य अभियंता सिंचाई (गंडक) गोरखपुर, टेंडरों को लेकर घमासान. सिंचाई विभाग ठेकेदारों ने सिंचाई विभाग की निविदा का जताया विरोध
मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में उठी औद्योगिक क्षेत्र में आवासीय प्लाटिंग की समस्या...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए साल के दूसरे दिन गुरुवार को गोरखपुर में रोड कनेक्टिविटी, किसान हित और खाद्य एवं दवा सुरक्षा से जुड़ी 1533 करोड़ रुपये की नौ विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण किया |
योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गोरखनाथ मंदिर के गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं। वहीं मुख्यमंत्री का गायों के प्रति प्रेम किसी से छुपा नहीं है। वो जब भी गोरखपुर आते हैं तो मंदिर में स्थित गायों और बछड़ों की सेवा जरूर करते हैं।
विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में अयोजित तिलकोत्सव कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ जी महाराज माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संत महात्मा ने तिलक लगाया।
विजयादशमी के अवसर पर शोभायात्रा की अगुवाई गोरक्षपीठाधीश्वर सीएम योगी करेंगे। बता दें कि यह शोभा यात्रा गुरु गोरखनाथ की पूजा अर्चना के बाद शुरू होगी।
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मातृ शक्ति के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा और उन्हें समाज मे शक्ति स्वरूप में प्रतिष्ठित करने की पहल को एक बार फिर मजबूत करते दिखे।
गोरखपुर में गोरखनाथ की तपस्थली गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा से जारी आनुष्ठानिक कार्यक्रम गुरुवार से और विशिष्टता की ओर अग्रसर होंगे। गुरुवार से गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अनवरत तीन दिन अनुष्ठान और आराधना में लीन रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मेवालाल गुप्त गुरुकुल विद्यालय में नवनिर्मित सभागार, पांच कक्षों और प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने गोरखपुर प्रवास के दूसरे दिन जनता से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अफसरों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी समस्याओं का समाधान 15 दिनों के भीतर होना चाहिए और इसके लिए एक विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपी जाए।
सीएम योगी ने आयोजन में कहा कि- यह मेरा सौभाग्य है कि मैं लंबे समय तक पूज्य अवेद्यनाथ के सानिध्य में रहकर यहां गोरक्षनाथ में रहकर विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ था। वह धर्माचार्य थे, समाज सुधारक थे।
आंध्र प्रदेश के येलेश्वरम स्थित गोशाला से गोरखनाथ मंदिर लाए गए नादिपथि मिनिएचर नस्ल (पुंगनूर नस्ल की नवोन्नत ब्रीड) के गोवंश (एक बछिया और एक बछड़ा) का शनिवार सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नामकरण किया।
गोसेवा के लिए देशभर में प्रसिद्ध गोरक्षपीठ में गोवंश का संसार अब और भी समृद्ध हो गया है। देश में अति दुर्लभ नस्ल में सम्मिलित आंध्र प्रदेश की पुंगनूर गाय को भी गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में लाया गया है।