उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने आठ वर्षों के कार्यकाल में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उन्हें गिनाने प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री तथा आजमगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने जिले में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान साझा किया। यह कार्यक्रम आजमगढ़ के हरिऔध कला भवन में आयोजित किया गया, जहां प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने के लिए एक exhibition भी लगाई गई थी।
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश की पहचान एक बीमारू राज्य के रूप में होती थी, जहां crime, riots और mafia raj चरम पर था। लेकिन पिछले आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी और गुंडा राज को समाप्त करते हुए प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश न केवल देश बल्कि विश्व में अपनी नई पहचान बना रहा है।
Industry और Investment में बड़ी छलांग
अनिल राजभर ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश investment के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। 2017 से लेकर अब तक जितने factories रजिस्टर्ड हुए हैं, वह संख्या आजादी के बाद 2017 तक के कुल आंकड़ों से दोगुनी हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रतिदिन कम से कम 10 नए factories रजिस्टर्ड हों। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि यूपी जल्द ही Maharashtra को पीछे छोड़ते हुए industrial development में पहले स्थान पर पहुंचे।
महाकुंभ से आर्थिक लाभ और विपक्ष पर हमला
मंत्री ने Mahakumbh आयोजन का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार ने इस आयोजन पर ₹7,500 करोड़ खर्च किए लेकिन इससे राज्य को ₹3.5 लाख करोड़ रुपये का economic benefit हुआ। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग आयोजन के खर्च को लेकर सवाल उठा रहे थे, वे विकास विरोधी सोच रखते हैं।
तुष्टिकरण की राजनीति पर सख्त रुख
संभल में आयोजित होने वाले सैयद सालार मसूद के मेले को लेकर उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मेले पर ban लगाकर सही निर्णय लिया है, क्योंकि इस आयोजन से जुड़े लोग औरंगजेब, सैयद सालार और आतंकवादियों के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को nation’s enemies करार दिया और कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।