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विश्व के सबसे पुराने लोकतंत्र अमेरिका में सत्ता को लेकर हुई हिंसा से दुनिया भर के नेताओं ने इस घटना की आलोचना

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वाशिंगटन:  दुनिया भर के नेताओं ने घटना की आलोचना करते हुए इसे अप्रत्याशित, भयावह और व्यथित करने वाला करार दिया है। उन्होंने शांतिपूर्वक सत्ता हस्तांतरण की अपील भी की है। अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक जो बाइडन और उपराष्ट्रपति के लिए कमला हैरिस की जीत को संसद की ओर से आधिकारिक तौर पर मुहर लगा दी गई।

इसके बाद ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि 20 जनवरी को जो बाइडन को व्यवस्थित तरीके से सत्ता का हस्तांतरित कर दिया जाएगा। उधर, अमेरिका में जारी हिंसा पर चीन ने अपने नागरिकों को आगाह किया है। जानिए अमेरिकी हिंसा पर वैश्विक नैताओं ने क्‍या कहा-

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि ”अमेरिकी संसद परिसर में अशोभनीय दृश्य देखने को मिले। अमेरिका विश्व भर में लोकतंत्र के लिए खड़ा रहता है। यह महत्वपूर्ण है कि सत्ता हस्तांतरण शांतिपूर्वक और तय प्रकिया के तहत उचित तरीके से हो।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने कहा कि ”वाशिंगटन डीसी की घटना से दुखी हूं। ऐसी स्थिति में यह अहम है कि राजनीतिक नेता अपने समर्थकों को हिंसा से दूर रहने और लोकतांत्रिक प्रकिया और कानून के शासन में यकीन करने के लिए राजी करें।”

फ्रांस के राष्‍ट्रपति मैक्रों इमैनुएल ने कहा कि ”हम उन कुछ लोगों की हिंसा से हार नहीं मानेंगे, जो लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करना चाहते हैं। हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। वाशिंगटन में आज जो कुछ हुआ वह अमेरिका नहीं है।

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि ”अमेरिका में लोकतंत्र पर हुए हमले से कनाडा बेहद आहत और क्षुब्ध है। यह देश हमारा करीबी साझीदार और पड़ोसी है। हिंसा कभी सफल नहीं होगी और अमेरिका में लोकतंत्र कायम रहेगा।

जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास ने कहा कि ”वाशिंगटन डीसी के अभूतपूर्व दृश्य को देखकर लोकतंत्र के दुश्मन खुश होंगे। उकसावे वाले बयानों से हिंसक कृत्य सामने आए हैं। ट्रंप समर्थक लोकतंत्र पर हमला बंद करें।

यूरोपीय यूनियन के विदेश नीति प्रमुख जोसेफ बोरेल ने कहा कि ”दुनिया की नजर में अमेरिकी लोकतंत्र आज घेरेबंदी में प्रतीत हो रहा है। यह अमेरिका नहीं है। तीन नवंबर के चुनाव नतीजों का पूरी तरह सम्मान होना चाहिए।

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा एर्डर्न ने कहा कि ”जो कुछ हो रहा है, वह गलत है। लोकतंत्र में लोगों को मतदान करने, अपनी बात रखने और फिर उस फैसले को शांतिपूर्ण तरीके से मनवाने का अधिकार होता है। भीड़ को इसे पलटना नहीं चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि ”अमेरिका में हिंसा की घटना दुखद है। हम इस कृत्यों की निंदा करते हैं और महान अमेरिकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत शांतिपूर्वक सत्ता हस्तांतरण की उम्मीद करते हैं।

अमेरिका में चीन के दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा कि चीनी नागरिक महामारी और वाशिंगटन में बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सचेत रहें।

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