भारत में होलिका दहन सबसे पहले यहाँ होता है

Abhinav Tiwari

भारत में होलिका दहन बड़े ही श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में सबसे पहले होलिका दहन कहां और क्यों किया जाता है?

महाकालेश्वर मंदिर में सबसे पहले जलती है होलिका   12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, महाकालेश्वर मंदिर (उज्जैन) में होली का त्योहार अनोखे तरीके से मनाया जाता है। जब पूरे देश में होलिका दहन मुहूर्त के अनुसार किया जाता है, वहीं उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में सूर्यास्त होते ही इसका आयोजन होता है।

पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी परंपरा   इस परंपरा की जड़ें पौराणिक मान्यताओं और महाकाल ज्योतिर्लिंग की महत्ता से जुड़ी हैं। मान्यता है कि भगवान शिव का यह नगर कालचक्र और संहार का प्रतीक है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य से पहले महाकाल की अनुमति लेना आवश्यक माना जाता है।

विशेष अनुष्ठान और हजारों श्रद्धालुओं की आस्था   महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ पुरोहित पवित्र अग्नि पूजन करते हैं। इस पावन अनुष्ठान को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ते हैं, क्योंकि माना जाता है कि इस दर्शन से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।

उज्जैन – हिंदू समय का ग्रीनविच   उज्जैन को हिंदू समय का ग्रीनविच भी माना जाता है, क्योंकि यह हिंदू ज्योतिषीय गणना के अनुसार प्रथम मध्याह्न रेखा पर स्थित है। यही कारण है कि होली का शुभारंभ यहीं से किया जाता है।

इतिहास और आस्था का संगम   यह प्राचीन परंपरा न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, बल्कि इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए भी रुचिकर विषय बनी हुई है। उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर सदियों से आस्था, परंपरा और आध्यात्मिकता का केंद्र बना हुआ है।

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