शनि देव न्याय के देवता माने जाते हैं, जो कर्मों के आधार पर लोगों को फल देते हैं। शनि देव की तरह ही उनके भाई-बहनों का भी धार्मिक ग्रंथों में महत्वपूर्ण स्थान है।
सूर्य देव की 2 पत्नियां हैं, संज्ञा और छाया। शनि देव का जन्म सूर्य देव और छाया से हुआ था।
1. यमराज मृत्यु के देवता यम देव शनि देव के ही भाई हैं। उनका जन्म सूर्य देव और संज्ञा से हुआ है।
2. यमुना यम देव की तरह ही यमुना भी सूर्य और संज्ञा की पुत्री हैं। धार्मिक ग्रंथों में यमुना को देवी के रूप में पूजा जाता है।
3. अश्विनी कुमार सूर्य देव और संज्ञा के 2 जुड़वा पुत्र भी हुए, जिन्हें अश्विनी कुमारों के नाम से जाना गया।
4. श्राद्धदेव मनु इनका एक नाम वैवस्वत मनु भी है। उन्हें मानव जाति का पहला पुरुष माना जाता है।
5. रेवन्त माना जाता है कि सूर्य और संज्ञा के पुत्र और शनि देव भाई रेवन्त पितृभक्त हैं और ब्रह्मचारी रहकर अपने पिता की करते रहते हैं।
6. सावर्णि मनु शनि देव के सगे भाई सवर्णि मनु सूर्य और छाया के पुत्र हैं। हिंदू धर्म के 14 मनुओं में इनका स्थान 8वां है।
7. भद्रा सूर्य और छाया की पुत्री भद्रा भी अपने भाई शनि देव की तरह क्रोधी स्वभाव की मानी जाती हैं।
8. ताप्ती ताप्ती भी सूर्य की पुत्री हैं, जिनका जन्म छाया से हुआ। इसीलिए माना जाता है कि शनि से पीड़ित लोगों को ताप्ती नदी में स्नान से राहत मिलती है।
9. कर्ण महाभारत के महादानी कर्ण सूर्य पुत्र तो हैं, लेकिन उनका जन्म उनकी पत्नियों संज्ञा और छाया से नहीं, बल्कि कुंती से हुआ।
10. सुग्रीव रामायण में राम का साथ देने वाले सुग्रीव भी सूर्य पुत्र हैं, जिनकी मां का नाम ऋक्षराज है। ऋक्षराज पहले नर वानर थे, जो एक तालाब में स्नान के बाद स्त्री बन गईं।