यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने मथुरा और आगरा में अपने रीजनल ऑफिस खोलने का फैसला लिया है। इस निर्णय को फेज-2 मास्टर प्लान के तहत विकास कार्यों को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए लिया गया है। शासन से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और 261 नए पदों की स्वीकृति भी दे दी गई है।
मथुरा में प्रस्तावित ऑफिस के लिए स्थान का चयन नगर निगम भवन में किया गया है। प्राधिकरण की आगामी बोर्ड मीटिंग में इस प्रस्ताव को पेश किया जाएगा। हर रीजनल ऑफिस में एक ACEO (Additional Chief Executive Officer), Deputy Collector, Tehsildar सहित अन्य जरूरी स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।
फेज-2 योजना के अंतर्गत मथुरा, आगरा, अलीगढ़ और हाथरस के कुल 923 गांवों को शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य इन क्षेत्रों में सुनियोजित विकास करना है। योजना के तहत वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर को 6-लेन एक्सप्रेसवे से जोड़ने का प्रस्ताव भी शामिल है, जिसके दोनों ओर Heritage Corridor विकसित किया जाएगा।
योजना के अनुसार, मथुरा के पास राया क्षेत्र में एक नया अर्बन टाउनशिप विकसित किया जाएगा। इस शहर में Heritage Park, Yoga Center जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। फेज-2 के तहत आगरा अर्बन एरिया 12,200 हेक्टेयर, टप्पल अर्बन एरिया 11,104 हेक्टेयर और राया अर्बन एरिया 11,653.76 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा।
जैसे ही योजना को अंतिम मंजूरी मिलेगी, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डॉ. अरूणवीर सिंह, CEO, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने बताया कि फेज-2 के विकास कार्यों को गति देने और समन्वय बनाए रखने के लिए मथुरा और आगरा में क्षेत्रीय कार्यालयों की स्थापना आवश्यक है। इन कार्यालयों में तैनात अधिकारी संबंधित क्षेत्रों के विकास कार्यों की योजना तैयार करेंगे और भूमि अधिग्रहण की निगरानी भी करेंगे।