आगरा में पर्यटन को एक नई दिशा देने के लिए यमुना नदी में रिवर क्रूज़ सेवा शुरू करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इस योजना के तहत ताजमहल से लेकर कैलाश मंदिर तक यात्रियों को जलमार्ग के माध्यम से क्रूज़ का अनुभव दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए अब DPR (Detailed Project Report) तैयार की जाएगी, जिसके लिए कंसलटेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया तेजी से शुरू की गई है।
इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद प्रो. एस.पी. सिंह बघेल को दी। उन्होंने बताया कि भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने यमुना नदी पर ताजमहल से कैलाश मंदिर (38 किमी) के बीच नेशनल वाटरवे-110 (NW-110) के संभावित विकास को लेकर सर्वेक्षण किया है।
इस जलमार्ग की खास बात यह है कि यमुना नदी की चौड़ाई इस हिस्से में 250 से 350 मीटर के बीच है और इसके दोनों किनारे मजबूत व स्थिर हैं, जो क्रूज़ संचालन के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं। नदी के किनारे कई पर्यटक स्थल और आवासीय क्षेत्र स्थित हैं, जिससे यह रूट और अधिक आकर्षक बनता है।
पहले चरण में यमुना के किनारे जेटी (Jetty) और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि क्रूज़ संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। इसके साथ ही एक क्रूज़ सर्किट भी बनाया जाएगा, जिससे पर्यटक ताजमहल से कैलाश मंदिर तक के सफर को आरामदायक और यादगार बना सकें।
इस रिवर क्रूज़ सेवा से न केवल आगरा में टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यमुना नदी के जल परिवहन को भी एक नया जीवन मिलेगा। साथ ही, यह सेवा पर्यावरण के अनुकूल और यातायात के दबाव को कम करने में भी सहायक होगी।