लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था में लगातार सुधार हुआ है। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है। इसके लिए सीएम योगी ने कई बड़े कदम उठाए हैं। सीएम योगी ने 2017 में ही गद्दी संभालते ही साफ कर दिया था कि अपराधी या तो प्रदेश छोड़ दें या जेल जाने के लिए तैयार रहें।
कानून व्यवस्था में सुधार
सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले आठ वर्षों में कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। 2017 से राज्य में डकैती, लूट, दंगा, हत्या, अपहरण और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में 85 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही माफिया और गुंडागर्दी पर भी शिकंजा कस गया है।
यूपी में माफिया और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई
योगी सरकार ने प्रदेश के माफिया, गैंगस्टर और भू-माफिया पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इसके तहत 142 अरब रुपये से अधिक की चल-अचल अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। वहीं, 68 माफिया और उनके करीब डेढ़ हजार सहयोगियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि 617 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई हैं। इसके अलावा 752 पर गैंगस्टर एक्ट लागू किया गया है।
उत्तर प्रदेश में हासिए पर अपराधी
योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश न कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी एक नई मिसाल कायम की है वल्कि विकास के मामले में भी काफी आगे बढ़ा है। पुलिस प्रशासन की सक्रियता और सख्त कानूनों ने अपराधियों को हासिए पर ला खड़ा किया है। जो योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
अपराधों की संख्या में हुई भारी कमी
योगी सरकार के कार्यकाल में विभिन्न अपराधिक घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है। डकैती की घटनाओं में 2016 की तुलना में 84.41 फीसदी कमी आई है। इसके अलावा लूट के मामले 77.43 फीसदी कम हुए हैं। वहीं दहेज हत्या, अपहरण और बलात्कार की घटनाएं भी बहुत कम हो गई हैं। इसके अलावा पुलिस की सक्रियता और सीसीटीवी सर्विलांस जैसी आधुनिक तकनीकों ने अपराधियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।