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Lko News: सरकारी पोस्टर से योगी आउट, अखिलेश यादव ने सियासी हमला किया तेज

डबल इंजन सरकार पर फिर बरसे अखिलेश, बोले— अब योगी जी को भी ससम्मान लौट जाना चाहिए...

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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Lko News: सरकारी पोस्टर से योगी आउट, अखिलेश यादव ने सियासी हमला किया तेज

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर करारा हमला बोला है। इस बार मुद्दा बना है एक सरकारी पोस्टर, जिसमें मुख्यमंत्री योगी की तस्वीर तक नदारद है। सरकार के आठ साल पूरे होने के मौके पर जारी इस प्रचार पोस्टर में अयोध्या के राम मंदिर और प्रयागराज में महाकुंभ की तस्वीरों को 8 नंबर के आकार में दिखाया गया है। नीचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संगम में स्नान करते हुए एक फोटो भी है, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ कहीं नजर नहीं आ रहे।

इस पोस्टर को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा,”उत्तर प्रदेश के ‘झूठे विकास’ के प्रचार में जिनकी तस्वीर तक नहीं लगी है, वो अपने आप ही ससम्मान वापस चले जाएं तो अच्छा है। उनकी तस्वीर, उनके काम की तरह ही गोल है।”

डबल इंजन सरकार पर फिर उठे सवाल

अखिलेश यादव लंबे समय से यह आरोप लगाते रहे हैं कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार दरअसल दो असहमत और टकराव वाले इंजन हैं। उन्होंने पहले भी कई बार यह दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच संबंधों में तल्खी है और वे एक-दूसरे को नमस्ते तक नहीं करते।

इस घटना को अखिलेश ने इसी कथित अंतर्विरोध का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि अब तो सरकारी प्रचार सामग्री में भी मुख्यमंत्री की तस्वीर नहीं लगाई जा रही, जिससे साफ है कि उन्हें प्रोजेक्शन से दूर रखा जा रहा है।

सीएम योगी का जवाब: “हमारी लीडरशिप को है पूरा सम्मान”

हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था। उन्होंने कहा था, “हम अपनी वर्तमान लीडरशिप का सम्मान करते हैं और अपने पूर्वजों के प्रति भी श्रद्धा रखते हैं। लेकिन जिनके आदर्श औरंगजेब हों, उनका आचरण भी वैसा ही होता है।” इस टिप्पणी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा रही थी, जिसे अप्रत्यक्ष रूप से विपक्ष पर निशाना माना गया।

राजनीतिक संकेत: इमेज बिल्डिंग या अंतर्विरोध?

विशेषज्ञों की मानें तो सीएम योगी की तस्वीर का गैरमौजूद होना एक संकेत हो सकता है, या फिर यह सिर्फ एक प्रचार रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। लेकिन अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेता इस मौके को भुनाने से नहीं चूक रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी आगामी चुनावी माहौल में बीजेपी के आंतरिक समीकरणों को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश है।

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