आगराः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज आगरा में दिवंगत संत योगी सिद्धनाथ के शंखाढाल एवं भंडारा कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने राजा की मंडी स्थित प्राचीन दरिया नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। सीएम योगी ने यहां संतों की धर्म सभा को संबोधित भी किया। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के बाद संतों का सबसे बड़ा जमावड़ा आज ब्रज की भूमि पर हो रहा है। महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता सभी ने देखी। यह संतों का आशीर्वाद था, उनका संकल्प था। पूरी देश और दुनिया ने देखा कि 45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक लोग प्रयागराज पहुंचे थे। यह सनातन धर्म की ताकत है। उन्होंने कहा कि हम लोग प्रयास कर रहे हैं कि सनातन धर्म/नाथ संप्रदाय का एक म्यूजियम बनाया जाए। सीएम योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरक्ष पीठाधीश्वर के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान पूरे देश से आए 1000 से अधिक साधु- संत मौजूद रहे।
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में 500 वर्षों के बाद राम मंदिर का बनना संभव हुआ है, तो देश के अन्य जगहों पर भी संभावना बनी हैं। अयोध्या में राम मंदिर का बनना और महाकुंभ का आयोजन, दोनों संतों के संकल्प से पूरा हुआ। पहले माना जाता था कि महाकुंभ का आयोजन केवल संतों का है। लेकिन, संतों ने पूरे भाव के साथ समाज को जोड़ने का काम किया तो देखते ही देखते 66 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का आंकड़ा पार कर गया। इनमें साधु-संत करीब 50 लाख थे। इतना बड़ा समागम दुनिया के अंदर कहीं नहीं हुआ। ये ताकत सिर्फ सनातन धर्म में ही है। उसी सनातन धर्म को मजबूत करने के लिए। भारत की संयुक्त परंपरा के प्रमुख पंत के रूप में नाथपंती का महत्वपूर्ण स्थान है। संतों को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों को संसार के उत्कर्ष के लिए कार्य करना होगा। विरासत और विकास को जोड़ने के लिए एक सेतु के रूप में संत को आगे बढ़ना चाहिए, जो समाज को जोड़ सके, उसके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन सुरक्षित रहेगा, तो ही देश सुरक्षित रहेगा। उन्होंने साधु संतों से अपील की है कि आप किसी भी पंथ और संप्रदाय से जुड़े हुए हों, लेकिन राष्ट्र और समाज निर्माण के लिए ही कार्य करना चाहिए। उन्होंने साधु-संतों से मोबाइल का उपयोग कम करने की भी सीख दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर जो आपको दिखता है या सुनते हैं, वह जरूरी नहीं कि सच हो। ऐसे में साधु संतों को साधना में लीन होकर के समाज को एक करने के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो आप अपने साधन से अर्जित करेंगे। जो लोक कल्याण का माध्यम आपको बना सके। जिसमें जनता जनार्दन का अपार श्रद्धा और सम्मान आपको प्राप्त हो। जो कुछ भी आपके पास है लोक कल्याण के लिए समर्पित करिए।
धर्मसभा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले राजा की मंडी स्थित दरिया नाथ मंदिर में स्थित शिव मंदिर के दर्शन किए। उसके बाद दरिया नाथ मंदिर परिसर में स्थित 500 साल पुराना प्राचीन भैरव नाथ मंदिर में पुष्प अर्पित कर दर्शन-पूजन किया। सीएम योगी ने समाधि स्थल के दर्शन कर पुष्प अर्पित किए और उसके बाद सीएम योगी ने धूनी स्थल में चल रहे यज्ञ में आहुति दी। इस दौरान उन्होंने आगरा मंडल के नाथ संप्रदाय के मंदिरों की जानकारी ली और उनके जीर्णोद्धार के लिए साधु-संतों से सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि यह हमारी धरोहर है हमें इनका संरक्षण कर संजोकर रखने की जरूरत है।