मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सरकार की नीति पूरी तरह Zero Tolerance पर आधारित है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार की तरफ सोचता भी है, तो उसे कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
भ्रष्ट अधिकारियों पर कसा जाएगा शिकंजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी व्यक्ति करप्शन में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्ट अधिकारियों के परिवार के किसी भी सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी।
‘सात पुश्तों तक याद रखेंगे’ की दी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने तीखे शब्दों में कहा, “अगर किसी ने भ्रष्टाचार करने की सोची भी, तो उसकी सात पुश्तें भी उसे याद रखेंगी। ये उत्तर प्रदेश है, यहां ईमानदारी और पारदर्शिता से काम होगा।”
ईमानदार सिस्टम की ओर कदम
सरकार की मंशा साफ है कि प्रदेश में सुधारात्मक प्रशासन, सजग व्यवस्था और जनहित में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री का यह बयान न केवल प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त संदेश है, बल्कि जनता को यह भरोसा भी दिलाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।